सोयाबीन की खेती भारत की सबसे महत्वपूर्ण तिलहन फसलों में से एक है। इसमें लगभग 40% प्रोटीन और 20% तेल पाया जाता है, इसलिए इसकी मांग देश और विदेश दोनों में बहुत अधिक है। भारत में सोयाबीन मुख्य रूप से खरीफ मौसम में उगाई जाती है और मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और छत्तीसगढ़ इसके प्रमुख उत्पादक राज्य हैं।
अगर सही तरीके से खेती की जाए, तो सोयाबीन से 15 से 25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उपज प्राप्त की जा सकती है।
इस ब्लॉग में हम विस्तार से जानेंगे कि सोयाबीन की खेती कैसे होती है, यानी खेत की तैयारी से लेकर कटाई तक की पूरी प्रक्रिया, बिल्कुल आसान भाषा में।
अच्छी फसल के लिए खेत की सही तैयारी बहुत जरूरी होती है।
खेत की अच्छी तरह जुताई करें और मिट्टी भुरभुरी बनाएं।
अच्छी और ज्यादा पैदावार पाने के लिए सही और उन्नत सोयाबीन बीज का चुनाव करना बहुत जरूरी होता है। उन्नत किस्मों के बीज मजबूत होते हैं, रोगों का असर कम होता है और दाना भराव अच्छा होता है। सही किस्म लगाने से किसान को कम लागत में ज्यादा उत्पादन मिलता है।
भारत में बोई जाने वाली प्रमुख सोयाबीन किस्में हैं:
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सोयाबीन किस्म का नाम |
बीज दर (किग्रा/एकड़) |
प्रमुख विशेषताएं |
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25–30 |
हाथ से और मशीन दोनों से कटाई के लिए उपयुक्त, फसल संभालना आसान |
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25–30 |
अलग-अलग पौध दूरी में अच्छी तरह उगती है, हर खेत के लिए उपयुक्त |
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KDS 992 (फुले दुर्वा) |
20–25 |
खोडका रोग के प्रति प्रतिरोधी, फसल सुरक्षित रहती है |
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JS 9305 |
25–30 |
मशीन से कटाई के लिए बहुत अच्छी, मेहनत और समय की बचत |
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RVSM 2011-35 |
25–30 |
सही देखभाल करने पर बहुत अच्छी पैदावार देती है |
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KDS 753 (फुले किमाया) |
25–30 |
रस्ट (जंग) रोग से बचाव, पौधे लंबे समय तक स्वस्थ रहते हैं |
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JS 335 |
30–32 |
एकसमान बढ़वार, फसल का प्रबंधन आसान |
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MAUS 612 |
25–30 |
रस्ट, कीट और फली झड़ने से सुरक्षा, नुकसान कम होता है |
सोयाबीन में अच्छी पैदावार के लिए सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण सही समय पर करना जरूरी है।
फसलों को कीटों और रोगों से सुरक्षित रखने के लिए प्रभावी और वैज्ञानिक प्रबंधन उपाय।
अगर किसान भाई सही तकनीक, सही बीज और सही समय पर खेती करें, तो सोयाबीन एक बहुत ही लाभदायक फसल साबित हो सकती है। उम्मीद है यह गाइड आपको समझने में मदद करेगी कि सोयाबीन की खेती कैसे होती है और आप बेहतर उत्पादन पा सकेंगे।
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1. सोयाबीन की अच्छी पैदावार के लिए क्या करना चाहिए?
अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ दोमट मिट्टी और pH 6 से 7.5 होने पर सोयाबीन की पैदावार अच्छी होती है।
2. सोयाबीन की खेती के लिए कौन-सी जलवायु चाहिए?
सोयाबीन की खेती के लिए गर्म और हल्की शुष्क जलवायु सबसे उपयुक्त मानी जाती है।
3. सोयाबीन को कितनी धूप चाहिए?
सोयाबीन के पौधों को रोज़ाना कम से कम 6–8 घंटे भरपूर धूप चाहिए।
4. सोयाबीन की बुवाई की गहराई कितनी होनी चाहिए?
सोयाबीन की बुवाई 1 से 1½ इंच गहराई पर करनी चाहिए और 2 इंच से अधिक गहराई नहीं होनी चाहिए।